A to Z चाणक्य नीति | Chanakya ni Pothi fourteenth chapter

 सम्पूर्ण चाणक्य नीति - Complete Chanakya Niti in Hindi 
Chanakya Niti - Chapter 01 Chanakya Niti - Chapter 02
Chanakya Niti - Chapter 03 Chanakya Niti - Chapter 04
Chanakya Niti - Chapter 05 Chanakya Niti - Chapter 06
Chanakya Niti - Chapter 07 Chanakya Niti - Chapter 08
Chanakya Niti - Chapter 09 Chanakya Niti - Chapter 10
Chanakya Niti - Chapter 11 Chanakya Niti - Chapter 12
Chanakya Niti - Chapter 13 Chanakya Niti - Chapter 14
Chanakya Niti - Chapter 15 Chanakya Niti - Chapter 16
Chanakya Niti - Chapter 17 Chanakya Niti PDF

चाणक्य नीति - चौदहवां अध्याय | Chanakya ni Pothi 14th chapter

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01).
Chanakya ni Pothi
Chanakya ni Pothi


" गरीबी, दुःख और एक बंदी का जीवन यह सब व्यक्ति के किए हुए पापो का ही फल है "

" Poverty, misery and the life of a prisoner are all the result of sins committed by a person "


02).


Chanakya ni Pothi
Chanakya ni Pothi


" आप दौलत, मित्र, पत्नी और राज्य
 गवाकर वापस पा सकते है
 लेकिन यदि आप अपनी काया गवा देते है
 तो वापस नहीं मिलेगी "

" You can get back by losing wealth, friends, wife and kingdom, but if you lose your body you will not get it back "


03).

Chanakya ni Pothi
Chanakya ni Pothi

" यदि हम बड़ी संख्या में एकत्र हो जाए तो 
दुश्मन को हरा सकते है
उसी प्रकार जैसे घास के तिनके
 एक दुसरे के साथ रहने के कारण
 भारी बारिश में भी क्षय नहीं होते  "

" If we gather in large numbers then we can defeat the enemy. In the same way as the straw of the grass does not decay in heavy rains due to being with each other "


04).

Chanakya ni Pothi
Chanakya ni Pothi

" पानी पर तेल, 
एक कमीने आदमी को बताया हुआ राज,
 एक लायक व्यक्ति को दिया हुआ दान 
और एक बुद्धिमान व्यक्ति को
 पढाया हुआ शास्त्रों का ज्ञान 
अपने स्वभाव के कारण तेजी से फैलते है "

" Oil on water, the secret told to a bastard, the donation given to a worthy person and the knowledge of the scriptures taught to a wise man, spread rapidly due to his nature "


05).


Chanakya ni Pothi
Chanakya ni Pothi


"  वह व्यक्ति क्यों मुक्ति को नहीं पायेगा 
जो निम्न लिखित परिस्थितियों में 
जो उसके मन की अवस्था होती है उसे कायम रखता है,
जब वह धर्म के अनुदेश को सुनता है.
जब वह स्मशान घाट में होता है.
जब वह बीमार होता है "

" Why would a person not get liberation who maintains his state of mind in the following situations…
When he listens to the instruction of religion.
When he is in the Smashan Ghat.
When he is sick "


06).

Chanakya ni Pothi
Chanakya ni Pothi


" वह व्यक्ति क्यों पूर्णता नहीं हासिल करेगा
 जो पश्चाताप में जो मन की अवस्था होती है
 उसी अवस्था को काम करते वक़्त बनाए रखेंगा "

" Why would a person not achieve perfection who will maintain the same state of mind in repentance while working? "


07).

Chanakya ni Pothi
Chanakya ni Pothi

" हमें अभिमान नहीं होना चाहिए जब हम ये बाते करते है,
1). परोपकार 
2). आत्म संयम 
3). पराक्रम 
4). शास्त्र का ज्ञान हासिल करना. 
5). विनम्रता 
6). नीतिमत्ता
यह करते वक़्त अभिमान करने की इसलिए जरुरत नहीं क्यों की
 दुनिया बहुत कम दिखाई देने वाले दुर्लभ रत्नों से भरी पड़ी है "

" We should not feel proud when we talk about this ..
1. Charity 2. Self-control 3. Might 4. To gain knowledge of scripture. 5. Humility Policy
While doing this, there is no need to boast, because the world is full of rare gems rarely seen "


08).

Chanakya ni Pothi
Chanakya ni Pothi

" वह जो हमारे मन में रहता हमारे निकट है
 हो सकता है की वास्तव में वह हमसे बहुत दूर ह
 लेकिन वह व्यक्ति जो हमारे निकट है 
लेकिन हमारे मन में नहीं है वह हमसे बहोत दूर है "

" The one who stays in our mind is close to us. It may be that he is actually far away from us. But the person who is near us but not in our mind is far away from us "


09).

Chanakya ni Pothi
Chanakya ni Pothi

" यदि हम किसीसे कुछ पाना चाहते है तो 
उससे ऐसे शब्द बोले जिससे वह प्रसन्न हो जाए
 उसी प्रकार जैसे एक शिकारी मधुर गीत गाता है
 जब वह हिरन पर बाण चलाना चाहता है "

" If we want to get something from someone, then speak such words to him that will make him happy. Just as a hunter sings sweet songs when he wants to shoot an arrow "


10).

Chanakya ni Pothi
Chanakya ni Pothi

" जो व्यक्ति राजा से, अग्नि से, 
धर्म गुरु से और स्त्री से बहुत परिचय बढ़ाता है 
वह विनाश को प्राप्त होता है
 जो व्यक्ति इनसे पूर्ण रूप से अलिप्त रहता है, 
उसे अपना भला करने का कोई अवसर नहीं मिलता
 इसलिए इनसे सुरक्षित अंतर रखकर सम्बन्ध रखना चाहिए "

" A person who grows very familiar with the king, with fire, with religion, and with a woman, he gets destruction. The person who is completely indulged by them, does not get any opportunity to do good to him. Therefore, it should be related to them by keeping a safe gap "


11).

Chanakya ni Pothi
Chanakya ni Pothi

" हम इनके साथ बहुत सावधानी से पेश आये,
1). अग्नि 
2). पानी 
3). औरत 
4). मुर्ख 
5). साप 
6). राज परिवार के सदस्य.
जब जब हम इनके संपर्क में आते है.
क्योकि ये हमें एक झटके में मौत तक पंहुचा सकते है "

"We dealt with them very carefully,
1). Agni
2). Water
3). The woman
4). Foolish
5). Snake
6). Members of the Raj family.
When we come in contact with them.
Because they can reach us in one stroke till death "


12).


Chanakya ni Pothi
Chanakya ni Pothi

" वही व्यक्ति जीवित है 
जो गुणवान है और पुण्यवान है
 लेकिन जिसके पास धर्म और गुण नहीं 
उसे क्या शुभ कामना दी जा सकती है "

" The person who is alive is virtuous and is virtuous. But what good wishes can be given to someone who does not have religion and virtues "


13).
Chanakya ni Pothi
Chanakya ni Pothi

" यदि आप दुनिया को एक काम करके जितना चाहते हो तो इन पंधरा को अपने काबू में रखो. इन्हें इधर उधर ना भागने दे,
पांच इन्द्रियों के विषय 
1). जो दिखाई देता है 
2). जो सुनाई देता है 
3). जिसकी गंध आती है 
4). जिसका स्वाद आता है. 
5). जिसका स्पर्श होता है.
पांच इन्द्रिय 
1). आँख 
2). कान 
3). नाक 
). जिव्हा 
5). त्वचा "
पांच कर्मेन्द्रिय 
1). हाथ 
2). पाँव 3). मुह 
4). जननेंद्रिय 
5). गुदा "


"If you want the world to do one thing, keep these pandas under your control. Don't let them run around here,

Topics of the five senses

1). Which appears

2). That sounds

3). That smells

4). Which tastes good.

5). Which is touched.

Five senses

1). eye

2). ear

3). Nose

). Jiwa

5). Skin "

Five centers

1). hand

2). Foot 3). Mouth

4). Genital

5). Anal " 


14).

Chanakya ni Pothi
Chanakya ni Pothi

" वही पंडित है जो वही बात बोलता है
 जो प्रसंग के अनुरूप हो
 जो अपनी शक्ति के अनुरूप
 दुसरो की प्रेम से सेवा करता है
 जिसे अपने क्रोध की मर्यादा का पता है "

" It is the same Pandit who speaks the same thing which is relevant to the subject. One who serves others with love according to his power. Who knows the limits of his anger "


15).

Chanakya ni Pothi
Chanakya ni Pothi

" एक ही वस्तु देखने वालो की 
योग्यता के अनुरूप बिलग बिलग दिखती है
 तप करने वाले में वस्तु को देखकर 
कोई कामना नहीं जागती
 लम्पट आदमी को हर वास्तु में स्त्री दिखती है
 कुत्ते को हर वस्तु में मांस दिखता है "

" The billow looks billable according to the ability of those who see the same item. There is no desire in the ascetic to see the object. A dissolute man sees a woman in every Vastu. Dog sees flesh in everything "

16).

Chanakya ni Pothi
Chanakya ni Pothi

" जो व्यक्ति बुद्धिमान है वह निम्न लिखित बाते किसी को ना बताये...
वह औषधि उसने कैसे बनायीं जो अच्छा काम कर रही है.
वह परोपकार जो उसने किया.
उसके घर के झगडे.
उसकी उसके पत्नी के साथ होने वाली व्यक्तिगत बाते.
उसने जो ठीक से न पका हुआ खाना खाया.
जो गालिया उसने सुनी "

" The person who is intelligent should not tell anyone the following things ...
How did she make the medicine which is working well.
The charity he did.
Quarrels of his house.
His personal talks with his wife.
He ate the food which was not cooked properly.
The abused he listened "


17).

Chanakya ni Pothi
Chanakya ni Pothi

" कोकिल तब तक मौन रहते है
 जबतक वो मीठा गाने की क़ाबलियत हासिल नहीं कर लेते
 और सबको आनंद नहीं पंहुचा सकते "

" Cuckoo remains silent till then. Until they achieve the ability to sing sweet songs and cannot enjoy them all "


18).

Chanakya ni Pothi
Chanakya ni Pothi

" हम निम्न लिखित बाते प्राप्त करे और उसे कायम रखे.
हमें पुण्य कर्म के जो आशीर्वाद मिले.
धन, अनाज, वो शब्द जो हमने हमारे अध्यात्मिक गुरु से सुने.
कम पायी जाने वाली दवाइया.
हम ऐसा नहीं करते है तो जीना मुश्किल हो जाएगा "

" We get the following things and maintain it.
May we be blessed by virtue.
Money, food grains, the words that we heard from our spiritual master.
Less found medicines.
If we don't do this then it will be difficult to live "


19).

Chanakya ni Pothi
Chanakya ni Pothi


" कुसंग का त्याग करे और संत जानो से मेलजोल बढाए
 दिन और रात गुणों का संपादन करे
 उसपर हमेशा चिंतन करे 
जो शाश्वत है और 
जो अनित्य है उसे भूल जाए "

" Renounce rascals and socialize with Sant People. analyze day and night. Always think about what is eternal and forget what is eternal "






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